ये फरवरी

कितने ही दिल तोडती है ये फरवरी,
यू ही नही किसी ने इसके दिन घटाए होगे.

सुपरहिट फिल्मों की सुपरहिट गलतियाँ

सुपरहिट फिल्मों की सुपरहिट गलतियाँ
आज पेश है कुछ सुपरहिट फिल्मों की सुपरहिट गलतियाँ:

फिल “रा-वन” – फिल्म में शाहरुख दक्षिण भारतीय बने हैं, लेकिन जब उनकी मौत होती है तो उन्हें ईसाई परंपरा के अनुसार दफनाया जाता है, लेकिन बाद में हम देखते हैं कि उनकी अस्थियां पानी में बहाई जा रही हैं।
इस प्रकार वो सेक्युलर बन जाते हैं और सभी को खुश कर देते हैं।

फिल्म “अमर अकबर एंथोनी” – तीन लोग एक साथ एक ही महिला के लिए रक्तदान कर रहे हैं।
अरे भई विज्ञान भावनाओं से बढ़कर थोड़े ही हैं।

फिल्म “लगान” – यह फिल्म 18वीं सदी की कहानी है और उस वक्त एक ओवर में 8 गेंद हुआ करती थीं। लेकिन फिल्म में एक ओवर में 6 गेंदें दिखाई गई हैं।
शायद 8 गेंद में फिल्म और भी लंबी हो जाती।

फिल्म “बागबान” – अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी होली के तुरंत बाद 6 महीनों के लिए अलग हो जाते हैं। यानि मार्च से लेकर सितंबर तक के लिए। लेकिन इन्हीं 6 महीनों में वे ‘वेलेंटाइन-डे’ मना लेते हैं, जो कि फरवरी में आता है और ‘करवाचौथ’ मनाते हैं, जो अक्सर अक्टूबर में पड़ता है।
क्या करें टाइम कम था भावनायें ज्यादा।

फिल्म “प्यार तो होना ही था” – काजोल पब्लिक टॉयलेट इस्तेमाल करने के लिए रेल गाड़ी से एक स्टेशन पर उतरती है और उसकी गाड़ी छूट जाती है।
बेचारी को शायद पता नहीं होगा कि रेल गाड़ी के हर डिब्बे में चार टॉयलेट होते हैं।

फिल्म “शोले” – जया बच्चन पूरी फिल्म में लालटेन जलाती रहती हैं, क्योंकि गाँव में बिजली नहीं है।
तो भाई ये बताओ कि वीरू जिस टंकी पर चढ़कर मरने गया था उसमें बिना बिजली के पानी क्या ठाकुर चढ़ाता था?

दरियादिली

गाँव से एक मुसाफिर गुज़र रहा था उसने एक बच्चे को खेलते देखा और बोला, “बेटा क्या आप मुझे थोड़ा सा पानी पिला देंगे?”

बच्चा: अगर लस्सी हो जाये तो।

मुसाफिर: तब तो बहुत ही अच्छा होगा।

बच्चा भाग कर गया और लस्सी ले आया। मुसाफिर ने 5 लोटे लस्सी पीने के बाद बच्चे से पूछा, “क्या तुम्हारे घर में कोई लस्सी नही पीता?”

बच्चा: पीते तो सब हैं लेकिन आज लस्सी में चूहा गिर गया था और उसी में मर गया था।

मुसाफिर ने गुस्से में लोटा ज़मीन पर दे मारा।

बच्चा रोते हुए बोला, “मम्मी इन्होने लोटा तोड़ दिया। अब हम टॉयलेट क्या लेकर जायेंगे?”

जानलेवा ख़ुशी

जानलेवा ख़ुशी!
90 वर्षीय एक सज्जन की दस करोड़ की लाटरी लग गई। इतनी बड़ी खबर सुनकर कहीं दादाजी खुशी से मर न जाएं, यह सोचकर उनके घरवालों ने उन्हें तुरंत जानकारी नहीं दी। सबने तय किया कि पहले एक डॉक्टर को बुलवाया जाए फिर उसकी मौजूदगी में उन्हें यह समाचार दिया जाए ताकि दिल का दौरा पड़ने की हालत में वह स्थिति को संभाल सके।

शहर के जानेमाने दिल के डॉक्टर से संपर्क किया गया।

डॉक्टर साहब ने घरवालों को आश्वस्त किया और कहा, “आप लोग चिंता ना करें, दादाजी को यह समाचार मैं खुद दूंगा और उन्हें कुछ नहीं होगा, यह मेरी गारंटी है।”

डॉक्टर साहब दादाजी के पास गए कुछ देर इधर उधर की बातें कीं फिर बोले, “दादाजी, मैं आपको एक शुभ समाचार देना चाहता हूं। आपके नाम दस करोड़ की लाटरी निकली हैं।”

दादाजी बोले, “अच्छा! लेकिन मैं इस उम्र में इतने पैसों का क्या करूंगा पर अब तूने यह खबर सुनाई है तो जा, आधी रकम मैंने तुझे दी।”

यह सुन डॉक्टर साहब धम् से जमीन पर गिरे और उनके प्राण पखेरू उड़ गए।

प्रकाश की तीव्रता बढ़ाने की अर्ज़ी

सेवा में,

माननीय सूर्य देवता,
ब्रह्माण्ड उर्जा मंत्रालय,

विषय: प्रकाश की तीव्रता (intensity) बढ़ाने बाबत।

आदरणीय महोदय,

निवेदन है कि सर्दी से सभी निवासियों का बुरा हाल है। सुबह सुबह इतना कोहरा रहता है कि वाहनों का परिचालन बाधित रहता है। बहुत सारी ट्रेन भी समय से 12 घंटे पीछे चलती हैं। हम लोगों को अपने नित्य कार्य करने में भी परेशानी होती है। कभी-कभी तो इतना ज्यादा बुरा हाल हो जाता है कि नहाना तो दूर पानी को देखना भी अच्छा नहीं लगता।

अतः निवेदन है कि प्रकाश की किरणों की तीव्रता बढ़ाने का कष्ट करें, ताकि आम जन को सर्दी से राहत मिले और जनजीवन सामान्य हो।

धन्यवाद सहित,
आपका पृथ्वी वासी।